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| हालत ऐ चमन मैं कभी तो सुधार होगा |
हालत ऐ चमन मैं कभी तो सुधार होगा चार-सु हरयाली कभी तो नीला गगन होगा;
समाज मैं फ़ैल रहे भेद भाव मिटत जाये गर बचो प्यार अपने बड़े का इस्तक़बाल होगा;
अपनों को मिलने का वक़्त नहीं है किसी के पास खैर एक दिन उनको भी इस दुनिया का एहसास होगा;
रब के घर जाते है लोग अक्सर कोई मन्नत लिए स्वार्थ भरी दुआ का न रब के दर असर होगा;
हर तरफ चेन ओ सुकून हो ये आरजू है जीत की जो आता है खुवाब कभी न कभी तो पूरा होगा;
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