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| रात कटती नहीं दिन गुजरता नहीं |
रात कटती नहीं दिन गुजरता नहीं ज़िन्दगी रुक जाती है वक़्त रुकता नहीं; दर्द ऐ दिल हो तो आंखे नम हो जाती है फिर ज़माने से गम कोई छुपता नहीं; तन्हाईया होने लगे जबभी मरे क़रीब तूफ़ान उदासियों का सीने फिर रुकता नहीं; अहल ऐ जहां के ताने बोहोत चुभते है जो ज़ख़्म मिले उसका दर्द रुकता नहीं;
जाम पी लेते है जब भी वो याद आये तड़पाने वाला मंजर फिर रुकता नहीं;
वो गयी छोड़के एसा सदमा लगा जीत याद आये शब् ऐ फ़िराक दिल धड़कता नहीं;
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