दूर रह कर हमसे किया दर्द ऐ जुदाई सेह पाओगे ,,,,,,,,,,,,ghazal

दूर रह कर हमसे किया दर्द ऐ जुदाई सेह पाओगे
दूर रह कर हमसे किया दर्द ऐ जुदाई सेह पाओगे


दूर रह कर हमसे किया दर्द ऐ जुदाई सेह पाओगे लफ्ज सील जायेंगे किसी कुछ न कह पाओगे;
तुमने मुझे छोड़ दिया उसका गम है मुझे मेरे बगैर राह ऐ मंजिल तय कर पाओगे;
अपने दिल ऐ आशियाने से तो निकाल चुके हो मेरी यादो को भूलने की कोशिश कर पाओगे;जी लेना मेरे बिना दुआ करता हूँ ख़ुशी की अहल ऐ जहां के ताने फरेबी किया सेह पाओगे;
मोह्हबत मैं दगेबाज़ी जो की है तुमने मेरे साथ किया किसी के साथ वफ़ा के वादे कर पाओगे;
महफ़िल मैं खुदको तनहा पाया है अक्सर जीत यु करके मुझे तबाह तुम ताबासूम कर पाओगे;

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