दीदार ऐ यार का इंतज़ार सुबह शाम करू ,,,,,,,,,,,ghazal,

दीदार ऐ यार का इंतज़ार सुबह शाम करू
दीदार ऐ यार का इंतज़ार सुबह शाम करू


दीदार ऐ यार का इंतज़ार सुबह शाम करू ये दिल ये एहसास ये अरमान  तेरे नाम करू;
तू जितना भी मेरी मोह्हबत का इम्तिहान लेना तू खुश रहे अपनी ताबासूम मैं तेरे नाम करू;
हाथ थाम लो युम्हे खोने न देंगे हम राह मैं तुम बढ़ाओ कदम मैं अपनी मंजिल तेरे नाम करू;
ज़िंदगानी अब तेरे साथ निभानी है मुझे सनम तू कहे तो अपनी साँसे भी मैं तेरे नाम करूँ;
तनहा न होना हम तेरा साथ न छोड़ेंगे दिल खुश नज़ारो की महफ़िल तेरे नाम करू;
रात चांदनी गुजर जाएगी तेरे दीदार मैं जीत आज की सुहानी शाम तेरे नाम करू;

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