जो कर गए बदनाम पल मैं उनसे शिकवे कैसे करे-------Hindi Shayari, sad Shayari,

जो कर गए बदनाम पल मैं उनसे शिकवे कैसे करे
जो कर गए बदनाम पल मैं उनसे शिकवे कैसे करे


जो कर गए बदनाम पल मैं उनसे शिकवे कैसे करे मेरी यही आरजू है की तुजे गुलिस्तां के रु बा रु करे;
अकेले बैठे दिल ही दिल मैं खुदा से बाते करते है कैसे ऐ बुलबुल ऐ बेताब तुझसे  एक बार गुफ्तुगू करे;
अपनों ने तो जो भी था मेरे पास एक पल मैं छीन लिया अब जुबान ऐ गैर से कैसे शान ओ शौकत की आरजू करे;
तू भूला चुकी है सारे वादे जो हमने किये थे मैं भूल जाऊ वह पल कभी खुदा न करे;
मेरी घनघोर उदासी का साया चाँद को भी फीका कर गया जो सेह रहा हूँ मैं एसा को किसी संग फरेब न कैसे;





tag-
hindi shayari collection
hindi shayari sad
hindi shayari love
hindi shayari love sad

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ