राह ऐ मंजिल का पता था ,,,,,,,,,,,,,,Hindi Shayari, sad Shayari,

राह ऐ मंजिल का पता  था
राह ऐ मंजिल का पता  था


राह ऐ मंजिल का पता  था दिल ये मेरा कभी दुखा न था;ज़िन्दगी बड़े सुकून से गुजारी जब तक मोह्हबत का पता न था;शान ओ शौकत से भरी थी ज़िन्दगी शीश किसे के आगे झुका न था;महफ़िल हुआ करती थी मेरी कभी यु मैं बभी कभी तनहा न था;किसी की तड़प न थी मेरे दिल को ख़ुशी से जिया दर्द लम्हा न था;




tag-
hindi shayari collection
hindi shayari sad
hindi shayari love
hindi shayari love sad

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ