गुल ऐ बर्ग के जैसे लब थे उसके ...............Hindi Shayari, sad Shayari,

गुल ऐ बर्ग के जैसे लब थे उसके
गुल ऐ बर्ग के जैसे लब थे उसके


गुल ऐ बर्ग के जैसे लब थे उसके जुबान पर मधुर गीत थे उसके;
अफसाना ऐ दिल सुनाया करती थी सबसे अलग हसीं अंदाज़ थे उसके;




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